एरण से जूनागढ़ तक का रहस्य! 😲 आखिर पत्थरों पर क्या लिखवाते थे प्राचीन राजा? Secrets of Ancient Indian Epigraphy

एरण से जूनागढ़ तक का रहस्य! 😲
आखिर पत्थरों पर क्या लिखवाते थे प्राचीन राजा?
Secrets of Ancient Indian Epigraphy

एरण से जूनागढ़ तक का रहस्य! 😲 आखिर पत्थरों पर क्या लिखवाते थे प्राचीन राजा? Secrets of Ancient Indian Epigraphy

नमस्ते दोस्तों! कभी सोचा है कि हज़ारों साल पुराने इतिहास को हम आज भी इतनी सटीकता से कैसे पढ़ पाते हैं? न उस समय WhatsApp था, न ईमेल, फिर भी राजाओं के संदेश हम तक पहुँचे। आज 27 जनवरी 2026 को Bright Career पर हम आपको समय के उस आईने के सामने ले जा रहे हैं—जिन्हें हम अभिलेख (Inscriptions) और शिलालेख कहते हैं।

ये महज़ पत्थर नहीं हैं; ये उस दौर के सम्राट अशोक के दिल के उद्गार हैं, समुद्रगुप्त की जंग जीती हुई तलवार की गूँज हैं, और राजा खारवेल की शान-ओ-शौकत की गवाही हैं। ये पत्थर सदियों से मौन खड़े रहे, सिर्फ इसलिए ताकि एक दिन आप और मैं, Bright Career पर, उनकी अनकही कहानियों को समझ सकें। अगर आप किसी Government Exam की तैयारी कर रहे हैं, तो यह Article आपके लिए किसी खजाने से कम नहीं है, क्योंकि यहाँ से सीधे-सीधे 15 सवाल आपके पेपर में आ सकते हैं। तो चलिए, इतिहास के इन पत्थरों से बात करते हैं और सुनते हैं उनकी अनूठी जुबानी!

पत्थरों की जुबानी: प्राचीन भारतीय अभिलेखों का इतिहास (Inscriptions)
कल्पना कीजिए कि आज से 2300 साल पहले जब कागज़, पेन या प्रिंटिंग प्रेस नहीं थी, तब एक राजा अपनी प्रजा तक अपना संदेश कैसे पहुँचाता होगा? आज 27 जनवरी 2026 को हम सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हैं, लेकिन उस दौर के महान सम्राट अशोक ने अपनी बातें पत्थरों और स्तंभों पर खुदवा दी थीं, ताकि वे हज़ारों सालों तक अमर रहें। अभिलेखों के अध्ययन को 'एपिग्राफी' (Epigraphy) कहा जाता है। ये पत्थर के लेख हमें वह बताते हैं जो इतिहास की किताबें शायद कभी न बता पातीं।

1. सम्राट अशोक: पत्थरों पर लिखे उपदेश
भारत में शिलालेखों की परंपरा की शुरुआत सबसे पहले सम्राट अशोक ने की थी। उन्होंने पहाड़ों, चट्टानों और ऊँचे स्तंभों (Pillars) पर धम्म (धर्म) के संदेश लिखवाए।ह्यूमन टच: अशोक के इन लेखों को पहली बार 1837 में जेम्स प्रिंसेप (James Prinsep) ने पढ़ा था। उनके अभिलेखों में अक्सर 'ब्राह्मी' और 'खरोष्ठी' लिपि का प्रयोग हुआ है। अशोक ने इन पत्थरों के ज़रिए अपनी प्रजा से एक पिता की तरह बात की थी।

2. समुद्रगुप्त की विजय गाथा: प्रयाग प्रशस्ति
सिक्कों पर वीणा बजाने वाले समुद्रगुप्त की तलवार की ताकत हमें 'प्रयाग प्रशस्ति' से पता चलती है। इलाहाबाद के एक स्तंभ पर उनके दरबारी कवि हरिषेण ने संस्कृत में उनकी जीत की लंबी कहानी लिखी है। इसे 'प्रशस्ति' इसलिए कहते हैं क्योंकि यह पूरी तरह राजा की प्रशंसा में लिखा गया था। यह हमें बताता है कि समुद्रगुप्त ने कभी कोई युद्ध नहीं हारा।

3. रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख: संस्कृत का प्रेम
गुजरात के गिरनार पर्वत पर मिला रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख इतिहास में बहुत खास है। यह विशुद्ध संस्कृत (Pure Sanskrit) में लिखा गया पहला बड़ा अभिलेख है। इसमें एक विशाल झील 'सुदर्शन झील' के निर्माण और मरम्मत की जानकारी मिलती है, जो उस समय के शानदार इंजीनियरिंग कौशल को दर्शाती है।

4. एरण अभिलेख: एक दुखद गवाह
मध्य प्रदेश में मिला एरण अभिलेख (Eran Inscription) इतिहास की एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना का पहला लिखित प्रमाण है। यहाँ 510 ईस्वी में पहली बार सती प्रथा (Sati System) का उल्लेख मिलता है, जहाँ एक सैनिक की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी के सती होने की बात कही गई है।

5. हाथीगुम्फा अभिलेख: कलिंग की कहानी
उड़ीसा में उदयगिरि की पहाड़ियों पर राजा खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख मिला है। यह बिना किसी क्रम या तारीख के राजा के जीवन की घटनाओं को बताता है और भारतवर्ष (Bharatvarsha) शब्द का उल्लेख करने वाले सबसे पुराने स्रोतों में से एक है।

Bright Career Exam Capsule (अभिलेखों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य):Epigraphy: अभिलेखों के अध्ययन को कहते हैं।

  • जेम्स प्रिंसेप: अशोक के अभिलेखों को पढ़ने वाला पहला व्यक्ति (1837)।
  • प्रयाग प्रशस्ति: लेखक हरिषेण, समुद्रगुप्त की विजयों का वर्णन।
  • एरण अभिलेख: सती प्रथा का प्रथम लिखित साक्ष्य।
  • जूनागढ़ अभिलेख: संस्कृत में लिखा पहला बड़ा अभिलेख (रुद्रदामन)।
  • हाथीगुम्फा अभिलेख: कलिंग राजा खारवेल से संबंधित।

मेरे दोस्त, ये अभिलेख महज़ पत्थर नहीं हैं, ये उन राजाओं के 'स्टेटस अपडेट' थे जो आज इतिहास की सबसे ठोस गवाही बन गए हैं।

🏆 अभिलेख और शिलालेख: Top 15 Objective MCQs

Q1. अभिलेखों के अध्ययन (Study of Inscriptions) को तकनीकी रूप से क्या कहा जाता है?
A) Numismatics
B) Epigraphy (एपिग्राफी)
C) Ethnography
D) Cartography

Correct Answer: B) Epigraphy (एपिग्राफी)

Q2. सम्राट अशोक के शिलालेखों को पहली बार 1837 में किसके द्वारा पढ़ा गया था?
A) Alexander Cunningham
B) John Marshall
C) James Prinsep (जेम्स प्रिंसेप)
D) Max Muller

Correct Answer: C) James Prinsep (जेम्स प्रिंसेप)

Q3. 'सती प्रथा' (Sati System) का प्रथम लिखित साक्ष्य किस अभिलेख से प्राप्त हुआ है?
A) जूनागढ़ अभिलेख
B) एरण अभिलेख (Eran Inscription)
C) प्रयाग प्रशस्ति
D) हाथीगुम्फा अभिलेख

Correct Answer: B) एरण अभिलेख (Eran Inscription)

Q4. प्रसिद्ध 'प्रयाग प्रशस्ति' (Prayag Prashasti) अभिलेख किस गुप्त शासक की विजयों का वर्णन करता है?
A) चन्द्रगुप्त मौर्य
B) समुद्रगुप्त (Samudragupta)
C) स्कन्दगुप्त
D) कुमारगुप्त

Correct Answer: B) समुद्रगुप्त (Samudragupta)

Q5. समुद्रगुप्त के दरबारी कवि 'हरिषेण' (Harisena) ने प्रयाग प्रशस्ति को किस भाषा में लिखा था?
A) पाली
B) प्राकृत
C) संस्कृत (Sanskrit)
D) हिन्दी

Correct Answer: C) संस्कृत (Sanskrit)

Q6. शक राजा रुद्रदामन का 'जूनागढ़ अभिलेख' (Junagadh Inscription) किस राज्य में स्थित है?
A) राजस्थान
B) मध्य प्रदेश
C) गुजरात (Gujarat)
D) महाराष्ट्र

Correct Answer: C) गुजरात (Gujarat)

Q7. विशुद्ध संस्कृत भाषा (Pure Sanskrit) में लिखा गया पहला बड़ा अभिलेख कौन सा माना जाता है?
A) हाथीगुम्फा अभिलेख
B) गिरनार/जूनागढ़ अभिलेख (रुद्रदामन)
C) नासिक अभिलेख
D) अयोध्या अभिलेख

Correct Answer: B) गिरनार/जूनागढ़ अभिलेख (रुद्रदामन)

Q8. कलिंग राजा 'खारवेल' (Kharavela) का इतिहास जानने का एकमात्र स्रोत कौन सा अभिलेख है?
A) हाथीगुम्फा अभिलेख (Hathigumpha)
B) मंदसौर अभिलेख
C) महरौली स्तंभ लेख
D) अहोल अभिलेख

Correct Answer: A) हाथीगुम्फा अभिलेख (Hathigumpha)

Q9. सम्राट अशोक ने अपने अधिकांश अभिलेखों में किस लिपि (Script) का प्रयोग किया था?
A) खरोष्ठी
B) ग्रीक
C) ब्राह्मी (Brahmi)
D) अरमाइक

Correct Answer: C) ब्राह्मी (Brahmi)

Q10. 'अहोल अभिलेख' (Aihole Inscription) का संबंध किस चालुक्य शासक से है, जिसमें हर्ष की पराजय का उल्लेख है?
A) पुलकेशिन प्रथम
B) पुलकेशिन द्वितीय (Pulakeshin II)
C) विक्रमादित्य
D) कीर्तिवर्मन

Correct Answer: B) पुलकेशिन द्वितीय (Pulakeshin II)

Q11. दिल्ली में स्थित 'महरौली लौह स्तंभ' (Mehrauli Iron Pillar) किस शासक की स्मृति में माना जाता है?
A) चन्द्रगुप्त द्वितीय (चन्द्र)
B) अशोक
C) बिम्बिसार
D) अजातशत्रु

Correct Answer: A) चन्द्रगुप्त द्वितीय (चन्द्र)

Q12. 'भीतरी स्तंभ लेख' (Bhitari Pillar Inscription) का संबंध किस शासक से है, जिसमें हूणों के आक्रमण का उल्लेख है?
A) चन्द्रगुप्त प्रथम
B) स्कन्दगुप्त (Skandagupta)
C) समुद्रगुप्त
D) भानुगुप्त

Correct Answer: B) स्कन्दगुप्त (Skandagupta)

Q13. अशोक के किस शिलालेख को 'कलिंग युद्ध' (Kalinga War) के वर्णन के लिए जाना जाता है?
A) 10वाँ शिलालेख
B) 11वाँ शिलालेख
C) 13वाँ शिलालेख (13th Rock Edict)
D) 7वाँ शिलालेख

Correct Answer: C) 13वाँ शिलालेख (13th Rock Edict)

Q14. प्राचीन भारत में 'भारतवर्ष' शब्द का उल्लेख पहली बार किस अभिलेख में मिला है?
A) प्रयाग प्रशस्ति
B) एरण अभिलेख
C) हाथीगुम्फा अभिलेख (Hathigumpha)
D) जूनागढ़ अभिलेख

Correct Answer: C) हाथीगुम्फा अभिलेख (Hathigumpha)

Q15. 'प्रशस्ति' (Prashasti) का अर्थ क्या होता है?
A) राजा का आदेश
B) किसी की प्रशंसा में लिखा गया लेख (In praise of someone)
C) युद्ध की घोषणा
D) धार्मिक उपदेश

Correct Answer: B) किसी की प्रशंसा में लिखा गया लेख (In praise of someone)

Bright Career Note: आज 27 जनवरी 2026 की इस क्लास में हमने 'अभिलेखों' से जुड़े हर उस सवाल को कवर कर लिया है जो परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।

FAQ's:

Q1. सर, सम्राट अशोक के मन में पत्थरों पर संदेश लिखवाने का Idea आखिर आया कहाँ से?
Ans: असल में अशोक को इसकी प्रेरणा ईरान के राजा Darius (दारा प्रथम) से मिली थी, जिन्होंने अपनी जीत की कहानियाँ पत्थरों पर खुदवाई थीं।

Q2. क्या 'Prashasti' का मतलब राजा की झूठी तारीफ करना होता था?
Ans: पूरी तरह झूठी तो नहीं, लेकिन Prashasti का अर्थ ही है "प्रशंसा में लिखा गया लेख", जिसे दरबारी कवि अपने राजा को खुश करने के लिए थोड़े बढ़ा-चढ़ाकर लिखते थे।

Q3. 'Brahmi' और 'Kharosthi' लिपियों को पहचानने का सबसे आसान तरीका क्या है?
Ans: बहुत सिंपल है— Brahmi आज की हिंदी की तरह 'बाएँ से दाएँ' लिखी जाती है, जबकि Kharosthi उर्दू की तरह 'दाएँ से बाएँ' (Right to Left) लिखी जाती है।

Q4. सती प्रथा का पहला सबूत 'Eran' अभिलेख में ही क्यों मिला, कहीं और क्यों नहीं?
Ans: क्योंकि 510 ईस्वी के इस Eran Inscription में पहली बार आधिकारिक तौर पर गोपराज नामक सैनिक की पत्नी के सती होने का स्पष्ट जिक्र किया गया है।

Q5. क्या इन अभिलेखों को मिटाया नहीं जा सकता था? राजाओं ने पत्थर ही क्यों चुने?
Ans: राजा जानते थे कि कागज़ या कपड़ा वक्त के साथ नष्ट हो जाएगा, लेकिन Stone Inscriptions हज़ारों सालों तक उनकी विरासत को अमर रखेंगे।

निष्कर्ष (Conclusion):

उम्मीद है कि पत्थरों पर उकेरी गई ये प्राचीन कहानियाँ आपको पसंद आई होंगी। आज 29 जनवरी 2026 को Bright Career पर हमारा यह सफर सिर्फ परीक्षा की तैयारी नहीं, बल्कि अपने गौरवशाली अतीत को महसूस करने का एक ज़रिया था।

याद रखिये, ये शिलालेख महज़ इतिहास नहीं, बल्कि आपकी सफलता की सीढ़ी हैं—इन्हें अच्छे से समझ लिया तो एग्जाम में आपके 15 Marks कहीं नहीं गए। अगले ब्लॉग में हम उन Foreign Travelers (विदेशी यात्रियों) की डायरी खोलेंगे जिन्होंने भारत को अपनी आँखों से देखा और पूरी दुनिया को हमारा मुरीद बना दिया। तो जुड़े रहिये Bright Career के साथ, क्योंकि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है!

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अगर आज 29 जनवरी 2026 का यह सफर आपके लिए मददगार रहा और आप चाहते हैं कि सरकारी परीक्षा की राह में कोई भी पत्थर आपके रास्ते का रोड़ा न बने, तो Bright Career की इस 'जीतने वाली' टीम का हिस्सा बनें। हम यहाँ आपको सिर्फ पढ़ाते नहीं, बल्कि हर मुश्किल टॉपिक को आसान बनाते हैं:सबसे पहले अपडेट्स के लिए: हमारे WhatsApp Group से जुड़ें, जहाँ Exam से जुड़े हर सवाल का जवाब मिलता है।
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